Khabarwala24News Prayagraj Asad Encounter: उत्तर प्रदेश पुलिस ने शनिवार तड़के माफिया अतीक अहमद के बेटे Asad असद और उसके साथी गुलाम के शवों को प्रयागराज के शवगृह में रखवाया है। दो एंबुलेंस और उत्तर प्रदेश पुलिस की एक वैन से शवों को प्रयागराज के शवगृह लाया गया है।
आपको बता दें कि माफिया अतीक के बेटे Asad और गुलाम का झांसी में एसटीएफ ने एनकाउंटर कर ढेर किया था। अतीक अहमद के पुत्र Asad अहमद और र गुलाम, दोनों प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड में वांछित थे और दोनों पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम था।
झांसी में डीएसपी नवेंदु और डीएसपी विमल के नेतृत्व में यूपी एसटीएफ टीम के साथ हुई मुठभेड़ में दोनों आरोपी की मौत हो गई थी। दोनों के पास से विदेश निर्मित अत्याधुनिक हथियार बरामद किए गए हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा कि जेल में बंद गैंगस्टर को भागने में मदद करने की दोनों योजना बना रहे थे जिसे नाकाम कर दिया गया। उमेश पाल हत्याकांड में अतीक अहमद और उसका परिवार सवालों के घेरे में आ गया था।
बहुजन समाज पार्टी के नेता राजू पाल की हत्या के एक प्रमुख गवाह उमेश पाल और उनके दो सशस्त्र सुरक्षा कर्मी की 24 फरवरी को प्रयागराज के सुलेम सराय इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उमेश और उनके बंदूकधारियों पर कई राउंड फायरिंग की गई और बम फेंके गए।
शवों को आज किया जाएगा सुपुर्द-ए-खाक
उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी अतीक अहमद (Atiq Ahmed) का बेटा असद अहमद (Asad Ahmed) पुलिस एनकाउंटर में मारा गया है। जिसके बाद आज (15 अप्रैल) को उसे प्रयागराज (Prayagraj) के कसारी मसारी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। असद के एनकाउंटर के बाद से ही अतीक के पैतृक गांव चकिया में उसके घर के सामने लोगों की भीड़ लगना शुरू हो गया है। अतीक के पड़ोसी और उसे जानने वाले लोग बड़ी संख्या में वहां पहुंच रहे हैंय़ असद को आखिरी बार देखना चाहते हैं। अतीक अहमद के गांव चकिया में उसका जो बंगला था उसे पहले ही बुलडोजर से गिराया जा चुका है, लेकिन असद के एनकाउंटर के बाद यहां बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो रहे हैं। इनमें महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल हैं।
जानिए कब क्या क्या हुआ
उमेश पाल की 24 फ़रवरी को दिन-दहाड़े हत्या कर दी गई थी.
उमेश पाल जैसे ही अपने घर के पास पहुंचे, बदमाशों ने पहले तो उनकी कार पर गोलियां चलाईं. उसके बाद जब वो अपने गनर के साथ घर की ओर भागे, तो बदमाशों ने उन पर दो बम फेंके.
वकील उमेश पाल 2005 में बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के मुख्य गवाह थे.
पुलिस की जांच के बाद उमेश पाल की हत्या में कुल 18 अभियुक्तों की भूमिका सामने आई.
पुलिस ने अतीक़ अहमद, उनकी पत्नी शाइस्ता परवीन, उनके भाई और पूर्व विधायक अशरफ़, अतीक़ अहमद के बेटे असद के अलावा दूसरे हमलावरों और साज़िशकर्ताओं को अभियुक्त बनाया.
मामले के एक अभियुक्त अरबाज़ को प्रयागराज में एक मुठभेड़ के दौरान पकड़ा था, लेकिन पुलिस के अनुसार गोली के घाव से अरबाज़ की मौत हो गई.
विजय चौधरी उर्फ़ उस्मान नाम के एक और अभियुक्त की भी मौत एनकाउंटर में हो गई.
पुलिस अतीक़ अहमद को साबरमती जेल और उनके भाई अशरफ़ को बरेली जेल से लाने गई थी.
पुलिस के पास इंटेलिजेंस इनपुट थे कि रास्ते में उके काफ़िले पर हमला कर अपराधियों (अतीक़ और अशरफ़) को छुड़ाने की कोशिश हो सकती है. इस कारण पुलिस ने स्पेशल फ़ोर्सेज़ और सिविल पुलिस की विशेष टीमें लगाईं थीं.
पुलिस ऑपरेशन में STF की टीम भी थी. मुठभेड़ में अभियुक्त असद और ग़ुलाम की घायल हुए और बाद में उनकी मौत हो गई. इन दोनों को सीसीटीवी फुटेज में अपराध करते देखा गया था.
असद और ग़ुलाम के पास से अत्याधुनिक विदेशी हथियार – ब्रिटिश बुल डॉग रिवाल्वर 455 बोर और वाल्थर P88 पिस्तौल7.62 बोर बरामद की गईं