Khabarwala 24 News New Delhi : Bangladesh Operation Devil Hunt भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में अभी भी हालात काबू में नहीं आ पाए हैं। देश के गाजीपुर में हिंसक झड़प सामने आई है। इसी के बाद कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए देश की अंतरिम सरकार ने एक नेशनल अभियान शुरू किया, जिसका नाम ऑपरेशन डेविल हंट रखा गया है। बांग्लादेश में कानून प्रवर्तन बलों ने लोकल लोगों और शेख हसीना विरोधी छात्र समूहों के बीच झड़प के बाद देश में कानून और व्यवस्था को फिर से बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया है।
तोड़-फोड़ के बाद लिया एक्शन (Bangladesh Operation Devil Hunt)
इसी के साथ इन हिंसक झड़पों और हाल ही में बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान के धानमंडी स्थित ऐतिहासिक घर पर हुई तोड़-फोड़ के बाद यह एक्शन लिया है। बांग्लादेश के गाजीपुर में लोकल लोगों और शेख हसीना के विरोधी छात्रों के बीच झड़प हुई है। इसी के बाद बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस की कमान में अंतरिम सरकार ने ऑपरेशन शुरू करने का निर्णय लिया।
क्या है ऑपरेशन डेविल हंट? (Bangladesh Operation Devil Hunt)
बांग्लादेश के गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा, गाजीपुर में छात्रों पर हुए आतंकवादी हमलों के संबंध में गृह मंत्रालय में कानून और व्यवस्था बलों के साथ शनिवार को एक बैठक आयोजित की गई थी। इस मीटिंग में संबंधित क्षेत्रों में कानून व्यवस्था को बनाए रखने और आतंकवादियों को कानून के दायरे में लाने के लिए संयुक्त बलों के साथ मिलकर ‘ऑपरेशन डेविल हंट’ चलाने का निर्णय लिया गया है। यह ऑपरेशन 8 फरवरी से गाजीपुर क्षेत्र समेत देश भर में शुरू हो गया है।
क्या ऑपरेशन का मकसद? (Bangladesh Operation Devil Hunt)
इस ऑपरेशन का मकसद देश में हो रही हिंसक झड़प और ऐतिहासिक घरों को तोड़-फोड़ करने, आंदोलन करने जैसी चीजों को रोकना है। साथ ही इन चीजों के पीछे के आरोपियों पर सख्त एक्शन लेना है। साथ ही इस ऑपरेशन को लेकर, बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने सभी नागरिकों से तुरंत कानून और व्यवस्था बहाल करने के लिए कहा है। शेख हसीना के परिवार और अवामी लीग पार्टी के नेताओं से जुड़ी संपत्तियों पर कोई और हमला नहीं होगा।
क्यों किया ऑपरेशन लागू? (Bangladesh Operation Devil Hunt)
बांग्लादेश में शुक्रवार को सेंट्रल गाजीपुर में आंदोलन हुआ। छात्रों ने पूर्व पीएम शेख हसीना के एक भाषण का विरोध करते हुए बुलडोजर प्रोग्राम के नाम से प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में 15 छात्र घायल हुए और उनका इलाज किया जा रहा है। लोकल लोगों और छात्रों के बीच संघर्ष तब शुरू हुआ जब छात्र शेख हसीना के लिबरेशन वॉर अफेयर्स मंत्री मोजम्मेल हक के घर की तरफ बढ़े और स्थानीय लोगों ने माइक्रोफोन पर घोषणा की कि लुटेरे आ गए हैं।
रोक लगाने के लिए ही शुरू (Bangladesh Operation Devil Hunt)
इसी बीच लोकल और छात्रों के बीच झड़प हो गई। इस घटना में लगभग 15 छात्र घायल हो गए और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन के केंद्रीय नेता, छात्रों पर हमलों के विरोध में एक रैली आयोजित करने के लिए गाजीपुर पहुंचे। इन सब चीजों पर रोक लगाने के लिए ही अंतरिम सरकार ने इस ऑपरेशन को शुरू किया है।