Khabarwala 24 News Hapur: Hapur नगर पालिका परिषद द्वारा एक अप्रैल से गृहकर और जल कर बढ़ाने के लिए योजना बना रही है। इसको लेकर व्यापारी संगठनों द्वारा सोमवार को भी आपत्ति लगाई गई। उन्होंने भवन स्वामियों की वास्तविक पेशानियों को देखते हुए वर्तमान में टैक्स की दर को न बढ़ाकर पूर्व में निर्धारित दर ही लागू करने की मांग की है। एसोसिएशन के पदाधिकारी और सदस्यों ने पालिकाध्यक्ष पति श्रीपाल सिंह से बातचीत कर टैक्स न बढ़ाए जाने की मांग कर शहरवासियों की समस्याओं से अवगत कराया।
क्या है पूरा मामला (Hapur)
ज्ञापन में हापुड़ कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश त्यागी ने कहा कि नगरपालिका परिषद, हापुड़ द्वारा प्रस्तावित गृहकर जलकर 10 गुणा से 11 गुणा तक बढ़ाया जाना आधारहीन होने के कारण किसी भी दृष्टि से न्यायोचित नहीं है। नगरपालिका परिषद, हापुड़ द्वारा जो गृहकर जलकर बढ़ाया जा रहा है, उसका कोई मानक नगर पालिका द्वारा उल्लेखित नहीं किया गया है, जो विधि विरूद्ध है एवं किसी भी दशा में चलने योग्य न होने के कारण किसी भी दृष्टि से न्यायोचित नहीं है।
नगरपालिका परिषद, पिलखुवा व गढ़मुक्तेश्वर सहित अन्य जनपदों में उपरोक्त गृहकर व जलकर टैक्स वार्ड अनुसार निर्धारित करने का प्रस्ताव रखा गया है, जबकि नगरपालिका परिषद, हापुड़ द्वारा मौहल्लानुसार टैक्स निर्धारित करने का प्रस्ताव है, जो किसी भी दृष्टि से न्यायोचित नहीं है।जो गृहकर जलकर अपने मनमाने ढंग से निर्धारित करना चाहता है, वह किसी भी विधिनुसार चलने योग्य नहीं है, जो किसी भी दृष्टि से न्यायोचित नहीं है।
टैक्स बढ़ाना न्यायोचित नहीं (Hapur)
हापुड़ कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के महामंत्री विकास गर्ग ने कहा कि नगरपालिका परिषद, हापुड़ द्वारा वर्ष 2013 में गृहकर व जलकर में 15 से 20 गुणा करों में वृद्धि की गयी थी और अब पुनः उपरोक्त वृद्धि कर 10 से 11 गुणा टैक्स बढ़ाना न्यायोचित न होने के कारण नगर पालिका का उक्त प्रस्तावित गृहकर व जलकर खण्डित होने योग्य है।
टैक्स वृद्धि सर्किल रेट के अनुसार लागू होनी प्रस्तावित है। इस सन्दर्भ में हमारा कहना है कि सर्किल रेट किस साल का माना जायेगा, क्योंकि ज्यादातर सम्पत्तियां पैतृक सम्पत्ति, काफी पुरानी सम्पत्ति जैसे 100 साल, 50 साल, 25 साल, 10 साल या वर्तमान में नये बनने वाले भवन हैं। इस कारण सभी पर एक समान कर बढ़ाया जाना किसी भी दृष्टि से न्यायोचित नहीं है। वर्तमान में जो भवन स्वामी 100/- रूपये कर अदा कर रहा है, वह लगभग 1000/- रूपये, 1000/- रूपये अदा करने वाले 10000/- तथा 10000/- अदा करने वाला 01 लाख रूपये कर अदा करेगा, जो किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।
मूलभूत सुविधा नहीं शहरवासियों को नहीं मिल रहीं (Hapur)
ज्ञापन में बताया गाय कि पूर्व में सन 2013 में इसी प्रकार की टैक्स दर को बढ़ाया गया था, परन्तु आज तक अधिकांश भवन स्वामी इस टैक्स को जमा करने में असमर्थ रहे हैं। वर्तमान में नगरपालिका परिषद, हापुड़ आम जनमानस को मूलभूत सुविधायें भी प्रदान कराने में असमर्थ हो रहा है, जैसे गली मौहल्लों में गन्दगी, कुत्तों व बन्दरों का आतंक, जल भराव, व्यापारिक स्थलों पर वाहन पार्किंग आदि का न होना मुख्य समस्यायें हैं।
वर्तमान में पहले से ही आग जनमानस मंहगाई के कारण अत्यधिक परेशान हैं। अतः आपसे निवेदन है कि उपरोक्त सभी परिस्थितियों को देखते हुए वर्तमान में गृहकर, जलकर बढ़ाया जाना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। अतः अभी किसी भी प्रकार का कर का बोझ आम जनमानस पर ना डाला जाए।