Khabarwala 24 News New Delhi : India-Bhutan Railway Network भारत और भूटान के बीच रेलवे नेटवर्क से जुड़ने की योजना 2018 से चल रही थी जिसे अब आधिकारिक रूप से मंजूरी मिल गई है। दोनों देशों के बीच एक नया रेलवे प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है जिसमें असम के कोकराझार से भूटान के गेलेफू तक रेल लाइन बिछाई जाएगी। इस प्रोजेक्ट का निर्माण भारतीय रेलवे द्वारा किया जाएगा और इसका संचालन नॉर्थ ईस्टर्न फ्रंटियर (NF) रेलवे के तहत होगा।
क्या है यह रेलवे प्रोजेक्ट? (India-Bhutan Railway Network)
भारत और भूटान के बीच बनने वाली रेलवे लाइन 69.4 किलोमीटर लंबी होगी। यह रेल लाइन असम के कोकराझार स्टेशन को भूटान के गेलेफू से जोड़ेगी। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 3,500 करोड़ रुपये होगी। इस रेलवे लाइन से भूटान को पहली बार भारतीय रेलवे नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
6 नए स्टेशनों को जोड़ेंगे (India-Bhutan Railway Network)
गरुभासा
रुनिखाता
शांतिपुर
बालाजन
दादगिरि
गेलेफू (भूटान में पहला रेलवे स्टेशन)
रेलवे नेटवर्क से फायदे (India-Bhutan Railway Network)
भारत और भूटान के बीच व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन क्षेत्र को भी फायदा होगा जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। भूटान को पहली बार रेलवे कनेक्टिविटी मिलेगी जिससे वहां के लोगों को सुविधाएं मिलेंगी। भारत और भूटान के रिश्ते और मजबूत होंगे।
प्रोजेक्ट नहीं हुए सफल (India-Bhutan Railway Network)
म्यांमार रेलवे प्रोजेक्ट – भारत ने 2023 में मिजोरम के एजवाल से म्यांमार के बॉर्डर हिबिछुआह तक 223 किलोमीटर रेलवे लाइन का सर्वे किया। यह प्रोजेक्ट म्यांमार के सित्त्वे बंदरगाह को मिजोरम से जोड़ने के लिए था लेकिन म्यांमार में अस्थिरता के कारण यह रुक गया।
बांग्लादेश रेलवे प्रोजेक्ट – त्रिपुरा के अगरतला से बांग्लादेश के अखोरा तक 708.73 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे लाइन बननी थी लेकिन बांग्लादेश में तख्तापलट के कारण यह प्रोजेक्ट बंद हो गया।
ट्रेन सर्विस भी बंद है (India-Bhutan Railway Network)
कहा जा सकता है कि भारत और भूटान के बीच 69.4 किमी लंबी नई रेलवे लाइन से व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यह जो 6 नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे जिससे दोनों देशों के लोगों को यात्रा में सुविधा मिलेगी। यह भूटान का पहला रेलवे नेटवर्क होगा जिससे भारत और भूटान के रिश्ते और मजबूत होंगे।
आर्थिक स्थिति बेहतर (India-Bhutan Railway Network)
वहीं भारत ने पहले भी म्यांमार और बांग्लादेश में रेलवे प्रोजेक्ट शुरू किए थे लेकिन राजनीतिक अस्थिरता के कारण वे पूरे नहीं हो सके। यह रेलवे प्रोजेक्ट भारत और भूटान के रिश्तों को और मजबूत करेगा और दोनों देशों की आर्थिक स्थिति को भी फायदा पहुंचाएगा।