Khabarwala 24 News New Delhi : Made in India Semiconductor Chip इलेक्ट्रोनिक्स एंड इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत इस साल यानी 2025 में अपनी मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप को रोलआउट करेगा, जिसके बाद इसका प्रोडक्शन शुरू हो सकेगा।
उन्होंने यह जानकारी मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में ‘ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट 2025’ के दौरान दी है। इस इवेंट के दूसरे दिन आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉल के जरिए जुड़े। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग ने महत्वपूर्ण गति हासिल की है।
इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टरों को मंजूरी (Made in India Semiconductor Chip)
प्रधानमंत्री मोदी भोपाल और जबलपुर में दो इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टरों को मंजूरी दे चुके हैं। भारत ने पिछले एक दशक में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अभूतपूर्व स्पीड देखी है, जो 10 लाख करोड़ कीमत तक पहुंच गया है।
मध्य प्रदेश में इतनी इलेक्ट्रोनिक्स कंपनियां (Made in India Semiconductor Chip)
मौजूदा समय में मध्य प्रदेश में 85 कंपनियां सक्रिय रूप से इलेक्ट्रोनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में काम कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि सरकार टेक्नोलॉजी सेक्टर में विकास के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य कौशल कार्यक्रम के तहत 20 हजार इंजीनियरों को ट्रेनिंग की घोषणा हो चुकी है।
सेमीकंडक्टर चिप एक इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट (Made in India Semiconductor Chip)
सेमीकंडक्टर चिप एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट होता है, जो सेमीकंडक्टर मैटेरियल यानी सिलिकॉन से बना होता है और इसमें इंटीग्रेटेड सर्किट (IC) मौजूद होते हैं। यह असल में एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों के लिए बहुत जरूरी कंपोनेंट है।
मेमोरी स्टोरेज और सिग्नल एम्प्लीफिकेशन (Made in India Semiconductor Chip)
सेमीकंडक्टर चिप प्रोसेसिंग, मेमोरी स्टोरेज और सिग्नल एम्प्लीफिकेशन जैसे काम को पूरा करता है। सेमीकंडक्टर चिपसेट कई प्रकार की होती हैं, जिसमें माइक्रोप्रोसेसर, मेमोरी चिप्स (RAM, फ्लैश स्टोरेज), ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) आदि शामिल हैं।
इतने लाख करोड़ तक पहुंचा ये सेक्टर (Made in India Semiconductor Chip)
भारत मौजूदा समय में 2.5 लाख करोड़ रुपये का इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट कर रहा है, जिसमें मोबाइल (4 लाख करोड़ रुपये), लैपटॉप, सर्वर, टेलीकॉम उपकरण (75,000 करोड़ रुपये) और रक्षा और चिकित्सा इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स टॉप 3 एक्सपोर्ट आइटम में से एक है।
चिप डेवलपमेंट में किया है बड़ा प्रोग्रेस (Made in India Semiconductor Chip)
भारत ने सेमीकंडक्टर चिप डेवलपमेंट में महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया है, जहां एक साथ 5 यूनिट्स में काम चल रहा है। पहली मेड इन इंडिया चिप 2025 तक आएगी। साथ ही सरकार एडवांस्ड सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रोनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए 85 हजार इंजीनियर को ट्रेंड कर रही है।
मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर को नई ऊंचाइयां (Made in India Semiconductor Chip)
अश्विनी वैष्णव ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री के विजन और लीडरशिप ने भारत के इलेक्ट्रोनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। इस अचीवमेंट के लिए उन्होने मध्य प्रदेश की जनता को भी बधाई दी।